उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में हाईकोर्ट ने याचिका डिस्पोज ऑफ की। प्रशासन और मस्जिद कमेटी में समझौते के बाद कार्रवाई जारी रही।

उज्जैन की शाही मस्जिद विवाद (Ujjain Shahi Masjid Dispute) से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शाही मस्जिद कमेटी की याचिका को डिस्पोज ऑफ कर दिया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान जिला प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते को आधार बनाया। इसके बाद याचिका पर आगे कार्रवाई की आवश्यकता नहीं मानी गई।

शाही मस्जिद कमेटी की ओर से एडवोकेट कुलदीप पाठक ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद की करीब 3 फीट जगह देने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही सड़क के दायरे में आने वाली कुछ दुकानों को हटाया जाएगा। बड़ी मीनार को दूसरी दिशा में शिफ्ट करने और प्रभावित दुकानदारों को दूसरी जगह उपलब्ध कराने पर भी सहमति की बात कही गई है।

सड़क चौड़ीकरण के बीच क्यों शुरू हुआ विवाद?

उज्जैन में सिंहस्थ प्रोजेक्ट के तहत कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है। इसके लिए प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में 323 मकान बताए गए हैं। इनमें 15 धर्मस्थल भी शामिल हैं।

प्रशासन के अनुसार, अब तक 12 धर्मस्थल हटाए जा चुके हैं। इसी सड़क के दायरे में शाही मस्जिद का भी लगभग 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा आने की बात सामने आई है।

मस्जिद की उम्र को लेकर भी अलग-अलग दावे हैं। उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मस्जिद के 100 साल से अधिक पुरानी होने की पुष्टि होने की बात कही गई है, जबकि मस्जिद के इमाम ने इसे 600 साल से अधिक पुराना बताया है। दोनों दावों को अलग-अलग स्रोतों और दस्तावेजों के आधार पर देखा जाना जरूरी है।

कार्रवाई के दौरान हुआ पथराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

28 सितंबर की सुबह मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू होने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। सुबह करीब 9:15 बजे बड़ी संख्या में लोग टंकी चौक पहुंचे और कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की।

इसके बाद बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश और पथराव की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। बाद में दोबारा पथराव होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए कमिश्नर आशीष सिंह, आईजी राकेश गुप्ता और एसपी प्रदीप शर्मा भी मौके पर पहुंचे। कार्रवाई के दौरान महिला थाना प्रभारी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई।

विवाद से जुड़े प्रमुख तथ्य

सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना

करीब 323 मकान कार्रवाई के दायरे में

15 धर्मस्थल सड़क के दायरे में बताए गए

12 धर्मस्थल हटाए जाने की जानकारी

शाही मस्जिद का करीब 9 फीट × 4 फीट हिस्सा प्रभावित

पथराव के बाद पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया

20 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने की जानकारी

15 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी

रात में फिर शुरू हुई तोड़ने की कार्रवाई

दिनभर चले घटनाक्रम के बाद रात में एक बार फिर शाही मस्जिद कार्रवाई (Shahi Masjid Demolition Action) शुरू होने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि फिलहाल मस्जिद के नीचे मौजूद दुकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच बनी सहमति के मुताबिक सड़क के लिए आवश्यक जगह उपलब्ध कराने और प्रभावित दुकानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है।

FIR और हिरासत में लिए गए लोग

विवाद के बाद पुलिस ने तीन थानों में कुल 20 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की जानकारी दी है। इनमें 8 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार, नामजद लोगों में पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी शामिल हैं। इन पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया गया है।

पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी दी है। FIR और हिरासत से जुड़े आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों और अदालत के निर्णय के आधार पर होगा।

घटनाक्रम: 27 और 28 सितंबर

27 सितंबर रात 9 बजे: मुस्लिम समाज के लोग शाही मस्जिद में एकत्र हुए।

रात 10 बजे: मस्जिद हटाए जाने की आशंका के विरोध में लोग सड़कों पर पहुंचे।

रात 11 बजे: जिला प्रशासन और मुस्लिम प्रतिनिधि कमेटी के बीच बैठक हुई।

रात 12 बजे: मस्जिद के प्रभावित हिस्से को मुस्लिम समाज द्वारा स्वयं हटाने पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई।

28 सितंबर सुबह 6 बजे: एसपी प्रदीप शर्मा पुलिस बल के साथ छत्री चौक पहुंचे और बैरिकेडिंग कराई गई।

सुबह 7:30 बजे: मजदूरों को छैनी-हथौड़े के साथ मस्जिद परिसर में ले जाया गया।

सुबह 8:15 बजे: मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई।

सुबह 9:45 बजे: पथराव के बाद पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

दोपहर 12:05 बजे: दोबारा पथराव हुआ, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

दोपहर 3 बजे: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शाही मस्जिद कमेटी की याचिका को डिस्पोज ऑफ कर दिया।

रात: मस्जिद के नीचे की दुकानों को हटाने की कार्रवाई दोबारा शुरू होने की जानकारी सामने आई।

By Rahul Singh

पत्रकारिता मेरा जुनून है। सच को सामने लाना मेरा उद्देश्य।

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