पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर से उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करेंगे। उन्होंने राम मंदिर चंदे को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने RSS और VHP की भूमिका पर भी सवाल उठाए। दिग्विजय ने यात्रा को धर्म के नाम पर धन और राजनीति के खिलाफ बताया।

उज्जैन से अयोध्या तक 1000 किलोमीटर की पदयात्रा

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बड़ी पदयात्रा का ऐलान किया है। वे 20 अक्टूबर से ‘सत्य सनातन स्वाभिमान पदयात्रा’ शुरू करेंगे। यह यात्रा उज्जैन के महाकाल मंदिर से शुरू होगी। इसके बाद यात्रा अयोध्या तक पहुंचेगी। यात्रा की दूरी करीब 1000 किलोमीटर बताई गई है। दिग्विजय सिंह ने यात्रा का उद्देश्य भी बताया है। उन्होंने इसे धर्म के नाम पर धन कमाने के खिलाफ बताया। उन्होंने धर्म को राजनीतिक हथियार बनाने का भी विरोध किया। उनके अनुसार यात्रा का संदेश सनातन मूल्यों से जुड़ा रहेगा।

80 साल की उम्र में यात्रा को लेकर बोले

दिग्विजय सिंह ने अपनी उम्र को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि उम्र पदयात्रा में बाधा नहीं बन सकती। उन्होंने अंग्रेजी कहावत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इंसान उतना ही बूढ़ा होता है, जितना महसूस करता है। दिग्विजय ने कहा कि वे खुद को 50 साल का महसूस करते हैं। इसलिए 1000 किलोमीटर चलने में उन्हें परेशानी नहीं है।

महात्मा गांधी के जरिए समझाया सनातन

दिग्विजय सिंह ने सनातन धर्म को लेकर अपना नजरिया बताया। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों का उदाहरण सामने रखा। उन्होंने कहा कि गांधी सनातन परंपराओं का सम्मान करते थे। गांधी के लिए सभी धर्मों का सम्मान जरूरी था। दिग्विजय ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गांधी की सोच में समावेशी भावना थी। उनके अनुसार गांधी गरीब और दबे लोगों के लिए काम करते थे। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता को भी महत्वपूर्ण बताया। दिग्विजय ने कहा कि भारत सभी लोगों का देश है। उन्होंने अनेकता में एकता को भारत की ताकत बताया।

हिंदू शब्द को लेकर भी दिग्विजय का बयान

दिग्विजय सिंह ने हिंदू शब्द को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हिंदू शब्द फारसी भाषा से आया है। उन्होंने वेदों और उपनिषदों में इस शब्द का जिक्र नहीं होने की बात कही। उन्होंने सनातन को प्राचीन धार्मिक परंपराओं में शामिल बताया। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का उल्लेख किया। इसका अर्थ पूरी दुनिया को परिवार मानना है। दिग्विजय ने RSS और VHP पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन संगठनों ने सनातन की मूल भावना बदली। ये दावे दिग्विजय सिंह के बयान पर आधारित हैं।

राम मंदिर चंदे को लेकर लगाए गंभीर आरोप

दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर से जुड़े चंदे पर सवाल उठाए। उन्होंने मंदिर निर्माण में गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने चंदे के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल किए। दिग्विजय ने मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी का दावा किया। उन्होंने करीब 200 से 300 करोड़ रुपये की बात कही। उन्होंने इन आरोपों के खिलाफ लड़ाई की बात कही। उन्होंने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम लिया। दिग्विजय ने उनकी RSS से सक्रियता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने सनातनी परंपराओं से उनके जुड़ाव पर भी टिप्पणी की।

कैश और सोने-चांदी की चोरी का भी दावा

दिग्विजय सिंह ने मंदिर में चोरी के आरोप भी लगाए। उन्होंने कैश और विदेशी करेंसी की चोरी का दावा किया। उन्होंने सोने-चांदी के गहनों की चोरी की बात भी कही। उनके अनुसार आरोपियों ने चोरी की बात कबूल की थी। उन्होंने SIT जांच का हवाला भी दिया। दिग्विजय के मुताबिक चोरी में करोड़ों रुपये शामिल थे। उन्होंने CCTV फुटेज को लेकर भी गंभीर दावा किया। उनके अनुसार आठ महीने की फुटेज डिलीट की गई। उन्होंने कुल चोरी 200 से 300 करोड़ तक होने का दावा किया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उनके बयान में नहीं की गई है।

निर्माण और जमीन खरीद पर भी सवाल

दिग्विजय सिंह ने मंदिर निर्माण की लागत पर सवाल उठाए। उन्होंने ठेकों में कमीशनखोरी के आरोप लगाए। उन्होंने मंदिर के आसपास जमीन खरीद पर भी सवाल किया। प्राण-प्रतिष्ठा से जुड़े कामों में गड़बड़ी का आरोप लगाया। दिग्विजय ने निर्माण लागत को लेकर भी दावा किया। उन्होंने शुरुआती अनुमान करीब 800 करोड़ रुपये बताया। उनके मुताबिक निर्माण लागत बढ़कर 2200 करोड़ रुपये हुई। उन्होंने श्रद्धालुओं से मिले पैसों का हिसाब मांगने की बात कही। उन्होंने कहा कि पूरे खर्च की जानकारी सामने आनी चाहिए।

1989 के रामशिला पूजन अभियान का जिक्र

दिग्विजय सिंह ने 1989 के रामशिला पूजन अभियान का जिक्र किया। उन्होंने उस दौरान जुटाए गए धन का हिसाब मांगा। उन्होंने चांदी की ईंटों का हिसाब भी पूछने की बात कही। दिग्विजय ने करीब 1400 करोड़ रुपये जुटने का दावा किया। उन्होंने VHP के आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार VHP ने 8.25 करोड़ रुपये मिलने की बात कही। उन्होंने दोनों आंकड़ों के बीच अंतर पर सवाल उठाया। उन्होंने चांदी की ईंटों को लेकर भी सवाल किया। उन्होंने पूछा कि इनका इस्तेमाल कहां किया गया।

राम मंदिर निर्माण के समर्थन की बात कही

दिग्विजय सिंह ने RSS और VHP की विचारधारा पर असहमति जताई। इसके बावजूद उन्होंने राम मंदिर निर्माण का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वे पहले भी मंदिर के समर्थन में रहे हैं। उन्होंने 1989 में दान देने की बात भी कही। उनके अनुसार राम मंदिर निर्माण का समर्थन अलग मुद्दा है। उन्होंने मंदिर से जुड़े आर्थिक मामलों पर सवाल उठाए।

धर्म को लेकर दिग्विजय ने क्या कहा

दिग्विजय सिंह ने धर्म को आत्मिक बदलाव से जोड़ा। उन्होंने कहा कि धर्म इंसान को अंदर से बदलता है। उनके अनुसार राम का आदर्श इंसान को सही रास्ता दिखाता है। उन्होंने चोरी और हिंसा को धर्म के खिलाफ बताया। उन्होंने अन्याय और अत्याचार का भी विरोध किया। उन्होंने राम के नाम पर राजनीति करने वालों पर सवाल उठाए। उन्होंने लोकतंत्र को कमजोर करने वालों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि धर्म का इस्तेमाल धन कमाने में नहीं होना चाहिए। उन्होंने धर्म को राजनीतिक हथियार बनाने का भी विरोध किया।

ओरछा होते हुए अयोध्या पहुंचेगी यात्रा

दिग्विजय सिंह ने यात्रा का पूरा मार्ग भी बताया। यात्रा महाकाल मंदिर से शुरू होने की बात कही गई है। इस दौरान पार्थिव शिवलिंग बनाने की बात भी कही गई। यात्रा ओरछा पहुंचेगी और राम राजा के दर्शन होंगे। इसके बाद यात्रा अयोध्या की ओर बढ़ेगी। अंतिम पड़ाव रामलला मंदिर बताया गया है। दिग्विजय ने इसे ‘शिवधाम से रामधाम’ यात्रा बताया।

यात्रा में सभी वर्गों को जोड़ने की अपील

दिग्विजय सिंह ने यात्रा को राजनीतिक नहीं बताया। उन्होंने सभी वर्गों के लोगों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने सभी संप्रदायों के लोगों को आमंत्रित किया। उन्होंने अलग-अलग विचारधाराओं के लोगों से जुड़ने की बात कही। उनके अनुसार यात्रा का उद्देश्य धार्मिक मूल्यों को सामने रखना है। उन्होंने धर्म के नाम पर आर्थिक गतिविधियों का विरोध किया। उन्होंने धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया। दिग्विजय ने महाकाल से शक्ति मांगने की बात कही। उन्होंने आस्था की रक्षा के लिए प्रार्थना करने की बात कही। अयोध्या में यात्रा समाप्त होने की जानकारी दी गई है।

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