मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर भोपाल में आज से उत्सव का माहौल रहेगा। राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में तीन दिवसीय राज्योत्सव आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार शाम 6:30 बजे शुभारंभ करेंगे। समारोह की पहली शाम मशहूर गायिका मोनाली ठाकुर के नाम रहेगी। उनके लोकप्रिय गीतों से सांस्कृतिक कार्यक्रम में संगीत का रंग घुलेगा।

इस बार राज्योत्सव की थीम ‘विरासत से विकास के पथ की ओर अग्रसर प्रदेश’ रखी गई है। आयोजन में प्रदेश की संस्कृति और विकास की झलक दिखाई जाएगी। जनजातीय परंपराओं, कृषि नवाचारों और महिला उद्यमिता को विशेष जगह मिलेगी। आम नागरिक बिना प्रवेश पास के समारोह में शामिल हो सकेंगे। विद्यार्थियों के लिए अलग स्टूडेंट ब्लॉक बनाया जा रहा है। वहां प्रवेश के लिए संस्थान का पहचान पत्र दिखाना होगा।

मुख्यमंत्री रविवार सुबह 11 बजे विभिन्न प्रदर्शनियों का उद्घाटन करेंगे। इनमें आधुनिक कृषि प्रदर्शनी और विकास दीर्घा शामिल हैं। महिला उद्यमिता मंडप भी लोगों के लिए आकर्षण रहेगा। इसके साथ देशज व्यंजन मेले की शुरुआत भी होगी। शाम 6:30 बजे मुख्य सांस्कृतिक समारोह शुरू होगा।

मोनाली ठाकुर के गीतों से सजेगी पहली शाम

पहले दिन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता मोनाली ठाकुर प्रस्तुति देंगी। वे मुंबई के कलाकारों के साथ सुगम संगीत पेश करेंगी। मोनाली बॉलीवुड के कई लोकप्रिय गीतों के लिए पहचानी जाती हैं। इनमें ‘सवार लूं’ और ‘मोह मोह के धागे’ शामिल हैं। इन गीतों ने उन्हें देशभर में खास पहचान दिलाई है।

समारोह की शुरुआत 71 बच्चों के सामूहिक गायन से होगी। बच्चे राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति देंगे। इसके बाद मध्यप्रदेश पुलिस बैंड राष्ट्रगान प्रस्तुत करेगा। कार्यक्रम के अंत में आतिशबाजी भी होगी।

102 विद्यार्थियों को मिलेगी एक-एक लाख रुपये की छात्रवृत्ति

समारोह में 102 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। उन्हें भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत चुना गया है। प्रत्येक विद्यार्थी को एक लाख रुपये की राशि मिलेगी। साथ ही उन्हें प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

यह योजना श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के माध्यम से संचालित है। चयनित विद्यार्थियों को अलग-अलग जिलों से चुना गया है। खंडवा जिले से सबसे ज्यादा छह विद्यार्थी चयनित हुए हैं। अशोकनगर और बड़वानी से चार-चार विद्यार्थियों का चयन हुआ है। नर्मदापुरम, सिवनी, सिंगरौली और उमरिया से भी चार-चार विद्यार्थी चुने गए हैं।

165 किसानों को मिलेंगे ट्रैक्टर, बुलेट और ई-स्कूटर

राज्योत्सव में किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व के विजेताओं को भी सम्मान मिलेगा। इसके तहत ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें प्रदेश के करीब 40 हजार किसानों ने हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता के 165 विजेताओं को पुरस्कार दिए जाएंगे।

पुरस्कारों में 55 ट्रैक्टर, 55 बुलेट मोटरसाइकिल और 55 ई-स्कूटर शामिल हैं। प्रत्येक जिले से तीन विजेताओं का चयन किया गया है। भोपाल के विजेताओं को मुख्यमंत्री स्वयं पुरस्कार देंगे। अन्य जिलों में प्रभारी मंत्री पुरस्कार वितरित करेंगे।

160 चित्रों में दिखेगा राजा भोज का ऐतिहासिक भोपाल

लाल परेड ग्राउंड में संस्कृति और विकास की प्रदर्शनियां लगेंगी। इनमें ‘राजा भोज का भोपाल’ विषयक चित्र प्रदर्शनी खास रहेगी। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ ने इसके लिए 160 चित्र तैयार कराए हैं। ये चित्र जलरंग शैली में बनाए गए हैं। प्रदर्शनी में भोपाल के ऐतिहासिक वैभव की झलक मिलेगी।

आधुनिक कृषि प्रदर्शनी में नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी। यहां उन्नत बीज और जैविक खेती से जुड़े उत्पाद दिखेंगे। स्मार्ट सिंचाई और कृषि नवाचार भी प्रदर्शित किए जाएंगे। एग्री स्टार्टअप्स के मॉडल भी लोगों को देखने मिलेंगे। महिला उद्यमिता मंडप में स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद मिलेंगे। किसान बाजार में हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की बिक्री होगी।

मालवा से बुंदेलखंड तक के व्यंजनों का मिलेगा स्वाद

देशज व्यंजन मेले में प्रदेश के पारंपरिक पकवान मिलेंगे। यहां मालवा, निमाड़ और बुंदेलखंड के व्यंजन उपलब्ध रहेंगे। बघेलखंड और महाकौशल के स्वाद भी लोगों को आकर्षित करेंगे। मेला प्रतिदिन दोपहर 12 से रात 8 बजे तक चलेगा। हस्तशिल्प और विकास प्रदर्शनियां भी लोगों के लिए खुली रहेंगी।

400 से अधिक कलाकारों ने निकाली सांस्कृतिक गौरव यात्रा

राज्योत्सव से पहले शनिवार को भोपाल में सांस्कृतिक यात्राएं निकाली गईं। इनमें 400 से अधिक लोक और जनजातीय कलाकार शामिल हुए। पहली यात्रा ज्योति टॉकीज से शुरू होकर रातीबड़ पहुंची। यह यात्रा बोर्ड ऑफिस, दस नंबर मार्केट और शाहपुरा लेक से गुजरी। इसके बाद यात्रा कोलार रोड, नेहरू नगर और नीलबड़ से आगे बढ़ी।

दूसरी यात्रा बैरसिया से शुरू होकर आनंद नगर में समाप्त हुई। यह यात्रा नादरा बस स्टैंड और अशोका गार्डन से गुजरी। इसके बाद गोविंदपुरा, पिपलानी और अयोध्या नगर में कलाकार पहुंचे।

यात्राओं में गोंड, बैगा, भील और कोरकू कलाकार शामिल हुए। सहरिया और भारिया जनजातियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। कलाकारों ने करमा, सैला और भगोरिया नृत्य प्रस्तुत किए। मटकी, घूमर, भांगड़ा और पंथी नृत्य भी देखने मिले। लेझिम की प्रस्तुति ने भी लोगों का ध्यान खींचा।

तीन दिनों तक भोपाल में संस्कृति और विकास का उत्सव चलेगा। राज्योत्सव में संगीत, कला, खेती और परंपराओं की झलक मिलेगी। किसानों और विद्यार्थियों के सम्मान से आयोजन को खास बनाया गया है।

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