मध्यप्रदेश से हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर कांग्रेस ने विरोध जताया। भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके पुतले जलाए। NSUI ने काले झंडे दिखाने और टमाटर फेंकने की चेतावनी दी। जीतू पटवारी ने भाजपा के फैसले और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की चुप्पी पर सवाल उठाए
भोपाल में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की उम्मीदवारी को लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश से भाजपा द्वारा उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने का कांग्रेस विरोध कर रही है। शुक्रवार को राजधानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने हरदीप पुरी के पुतले जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी भाजपा के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उम्मीदवार चयन को लेकर कई सवाल खड़े किए। पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की चुप्पी पर भी निशाना साधा।
वहीं, बरखेड़ा पठानी में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने प्रदर्शन किया। साकेत नगर ब्लॉक अध्यक्ष सुशील प्रजापति के नेतृत्व में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। उन्होंने हरदीप सिंह पुरी का पुतला दहन किया। युवा कांग्रेस और NSUI ने भी कांग्रेस कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।

NSUI ने काले झंडे और टमाटर फेंकने की दी चेतावनी
कांग्रेस के युवा संगठनों ने हरदीप पुरी के भोपाल आने पर विरोध जताया। उनके नामांकन के लिए राजधानी पहुंचने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी गई। NSUI की प्रदेश उपाध्यक्ष विदुषी शर्मा ने काले झंडे दिखाने की बात कही। जिला महासचिव आदित्य प्रताप सिंह ने टमाटर फेंकने की चेतावनी दी।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे पुलिस कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। युवा कांग्रेस के जिला महासचिव अभय राम भक्त ने भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पुरी के भोपाल आने पर सड़कों पर प्रदर्शन होगा। पुलिस कार्रवाई और जेल जाने से कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं।

एपस्टीन प्रकरण को लेकर पुरी पर लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने जेफ्री एपस्टीन प्रकरण का मुद्दा उठाया। ब्लॉक अध्यक्ष सुशील प्रजापति ने हरदीप पुरी पर निशाना साधा। उन्होंने पुरी को एपस्टीन का दोस्त बताते हुए भाजपा पर सवाल उठाए।
प्रजापति ने मुख्यमंत्री की राजनीतिक भूमिका पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री इस फैसले का विरोध नहीं कर पा रहे हैं। उनके मुताबिक, प्रदेश की राजनीतिक गरिमा का सवाल उठता है।
युवा कांग्रेस नेता अभय राम भक्त ने भी इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने पुरी की एपस्टीन के साथ तस्वीरें सामने आने का दावा किया। उन्होंने कहा कि पुरी मुलाकात की बात स्वीकार कर चुके हैं। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा से उम्मीदवार चयन का कारण पूछा।

जीतू पटवारी ने भाजपा से पूछे कई सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उम्मीदवार चयन पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि मध्यप्रदेश में क्या कोई योग्य उम्मीदवार नहीं था? हरदीप पुरी को उम्मीदवार बनाने के पीछे क्या मजबूरी थी? उन्होंने राज्यसभा सीट का फैसला दिल्ली में होने पर भी सवाल किया।
पटवारी ने भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी की भूमिका पूछी। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी जवाब मांगा। उन्होंने पूछा कि प्रदेश के सम्मान के मुद्दे पर मुख्यमंत्री मौन क्यों हैं?
पटवारी ने कहा कि भाजपा को अपना फैसला स्पष्ट करना चाहिए। पार्टी बताए कि पुरी के राज्यसभा पहुंचने से प्रदेश को क्या फायदा होगा। उन्होंने कहा कि विधायकों की संख्या ज्यादा होना पर्याप्त जवाब नहीं है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक मौजूद थे। विधायक नितेंद्र सिंह राठौड़ भी इस दौरान उपस्थित रहे।

दलित नेता के इस्तीफे पर भी भाजपा को घेरा
पटवारी ने एल. मुरुगन के इस्तीफे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दलित नेता से इस्तीफा लेने को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। इसके बाद हरदीप पुरी को उम्मीदवार बनाने पर सवाल किए।
पटवारी ने इस फैसले को भाजपा की राजनीति से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा के फैसले का जवाब देगी। उन्होंने इसे पार्टी के राजनीतिक ताबूत की आखिरी कील बताया।
पटवारी ने संसद में एपस्टीन प्रकरण पर हुई चर्चा का भी जिक्र किया। उन्होंने अमेरिका के टैरिफ दबाव और पाकिस्तान से जुड़े बयानों पर सवाल उठाए। युद्ध के दौरान भारत की तेल खरीद का मुद्दा भी उठाया।
डेलीगेशन की तस्वीर को लेकर पुरी से मांगा जवाब
पटवारी ने हरदीप पुरी से डेलीगेशन में शामिल होने पर स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने एपस्टीन प्रकरण से जुड़ी तस्वीरों का भी उल्लेख किया। पटवारी के मुताबिक, सार्वजनिक हुई एक तस्वीर में पुरी अकेले दिखाई दिए।
उन्होंने पुरी पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। पटवारी ने कहा कि उन्हें मध्यप्रदेश आने से पहले जवाब देना चाहिए। प्रदेश की जनता को इस मामले में पूरी जानकारी मिलनी चाहिए।

सिख समुदाय से जोड़ने पर पटवारी ने दी सफाई
कांग्रेस के विरोध को सिख समुदाय से जोड़ने पर पटवारी ने जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है। उन्होंने सिख गुरुओं और पंच प्यारों के बलिदान का उल्लेख किया।
पटवारी ने सिख धर्म की मानवता से जुड़ी शिक्षाओं की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति पर सवाल उठाना धर्म का विरोध नहीं है। उन्होंने भाजपा पर मुद्दे को भटकाने का आरोप लगाया।

राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने पर अभी फैसला नहीं
पटवारी से कांग्रेस के उम्मीदवार को लेकर भी सवाल पूछा गया। उन्होंने फिलहाल किसी नाम की घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार उतारने का फैसला समय आने पर बताया जाएगा।
सरकार के तीन साल पूरे होने पर कांग्रेस करेगी खुलासे
पटवारी ने सरकार के तीन साल के कामकाज पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर विभाग की अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। भ्रष्टाचार और अपराध से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे।
मंत्रियों की जवाबदेही और सरकारी योजनाओं की स्थिति पर भी सवाल होंगे। पार्टी तथ्यों और प्रमाणों के साथ सरकार को घेरने की तैयारी में है। पटवारी ने रोजाना पत्रकार वार्ता करने की बात भी कही।
भाजपा की पदयात्रा पर कांग्रेस का पलटवार
पटवारी ने भाजपा के लोकतंत्र बचाओ अभियान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को भाजपा से बचाने की जरूरत है। उन्होंने विपक्ष के आंदोलन और मीडिया की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया।
पटवारी ने व्यापारियों के विरोध और शिक्षकों पर लाठीचार्ज का जिक्र किया। उन्होंने भाजपा के 500 करोड़ रुपये के कार्यालय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना अराजकता कैसे है?
दिल्ली मार्च में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भेजने का दावा
पटवारी ने दिल्ली मार्च में कार्यकर्ताओं की भागीदारी का दावा किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली जाएंगे। यह अभियान वोट के अधिकार और अभिव्यक्ति की आजादी से जुड़ा है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं के एकजुट होकर दिल्ली रवाना होने की बात कही। पटवारी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई बताया।

जहरीली शराब मामले में मुख्यमंत्री को चुनौती
पटवारी ने देवास में जहरीली शराब से हुई मौतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को चुनौती भी दी। पटवारी ने मुख्यमंत्री से पांच से दस गांवों में चलने को कहा।
उन्होंने अवैध शराब की बिक्री का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की। केमिकल की खरीद और सप्लाई की जांच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि मौतों के बाद ही जांच क्यों शुरू हुई?
कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे का नाम भी चर्चा में आया। इस पर पटवारी ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि कार्रवाई अपराध देखकर होनी चाहिए।

नर्सिंग घोटाले पर विश्वास सारंग से इस्तीफे की मांग
पटवारी ने नर्सिंग घोटाले को लेकर मंत्री विश्वास सारंग पर निशाना साधा। उन्होंने मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा मांगा। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने पर मामले की जांच होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि घोटाले से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ। आदिवासी विद्यार्थियों और उनके परिवारों को भी नुकसान हुआ है। कांग्रेस ने इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
भोपाल में शुरू हुआ यह विरोध अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस लगातार भाजपा के उम्मीदवार चयन पर सवाल उठा रही है। वहीं, हरदीप पुरी के भोपाल आने पर प्रदर्शन की चेतावनी भी दी गई है। अब इस मुद्दे पर भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
