Rahul Gandhi Meet President Today: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने वोट चोरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति ने उनकी बातों को खारिज नहीं किया। राहुल ने कहा कि विपक्ष इस मामले से जुड़े सबूत भी सौंपेगा। यह मुलाकात मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जारी विवाद के बीच हुई।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति के सामने चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताएं रखीं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। विपक्ष ने चुनाव व्यवस्था में सुधार और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी का बयान
राहुल गांधी ने मुलाकात के बाद चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाए। राहुल के मुताबिक, विपक्ष इस मामले में आगे भी अपनी आवाज उठाएगा।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष सबूत जुटाकर संबंधित अधिकारियों को सौंपेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। राहुल ने बताया कि विपक्ष इस मुद्दे पर ज्ञापन देने की तैयारी कर रहा है।
हालांकि, वोट चोरी से जुड़े आरोपों को साबित करने वाले साक्ष्य सार्वजनिक रूप से सामने आना जरूरी है। राहुल गांधी के बयान को उनके राजनीतिक दावे के रूप में समझना चाहिए। राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया से जुड़े दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुलाकात को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राष्ट्रपति को अपनी चिंताओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाए।
खरगे के अनुसार, विपक्ष ने ईवीएम के स्थान पर मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा चुनाव व्यवस्था में गंभीर समस्याएं हैं। खरगे ने कहा कि राष्ट्रपति ने उनकी बातें ध्यानपूर्वक सुनीं।
खरगे के मुताबिक, राष्ट्रपति ने मामले की जानकारी और सबूत उपलब्ध कराने को कहा। विपक्ष ने संबंधित जानकारी जुटाकर सौंपने पर सहमति जताई। हालांकि, राष्ट्रपति के अगले कदमों के बारे में आधिकारिक जानकारी जरूरी है।

ममता बनर्जी ने मुलाकात को सकारात्मक बताया
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। ममता के अनुसार, राष्ट्रपति ने मामले की जानकारी देखने की बात कही।
ममता बनर्जी ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं पर उचित ध्यान दिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, विपक्ष जरूरी सबूत उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े सवाल गंभीर हैं। वे चाहते हैं कि संबंधित शिकायतों की जांच हो। इन आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से स्पष्ट होगी।
विजय चौक पर विपक्षी सांसदों का मार्च
राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले विपक्षी सांसदों ने मार्च निकाला। यह मार्च संसद भवन से विजय चौक की ओर बढ़ा। सांसदों ने लोकतंत्र बचाने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस ने विजय चौक पर बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को आगे बढ़ने से रोका। विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई के बाद भी अपना विरोध जारी रखा।
प्रतिनिधिमंडल में कई विपक्षी दलों के प्रमुख नेता शामिल थे। इनमें जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सुप्रिया सुले भी शामिल थे। राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे।
इसके अलावा, माकपा महासचिव एमए बेबी और भाकपा नेता डी राजा शामिल हुए। वीसीके प्रमुख थोल. थिरुमावलवन और ईटी मोहम्मद बशीर भी मौजूद थे। विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर साझा रुख दिखाया।
अब आगे क्या होगा?
विपक्ष ने कथित वोट चोरी से जुड़े सबूत जुटाने की बात कही है। इन सबूतों के सौंपे जाने के बाद मामले की दिशा स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, विपक्षी नेताओं के आरोपों और उनकी मांगों पर ध्यान केंद्रित है।
चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता लोकतंत्र में जनता के भरोसे से जुड़ी है। इसलिए आरोपों की जांच तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए। संबंधित संस्थाओं की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।
