MP TET के विरोध में भोपाल में शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू। TET से छूट समेत तीन मांगों को लेकर आंदोलन जारी।
Bhopal मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का आंदोलन शुरू हो गया है।अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में प्रदेशभर के शिक्षक भोपाल पहुंचे हैं।
रविवार, 27 सितंबर से भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया।मोर्चे ने कहा है कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
रिपोर्टों के अनुसार, धरने में प्रदेश के अलग-अलग संभागों से शिक्षक चरणबद्ध तरीके से शामिल होंगे।पहले दिन भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के शिक्षकों की भागीदारी बताई गई है।
TET की अनिवार्यता खत्म करने की मुख्य मांग
शिक्षकों की सबसे प्रमुख मांग सेवारत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता खत्म करना है।मोर्चे का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को इससे छूट मिलनी चाहिए।
इसके अलावा शिक्षक पहली नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि और वरिष्ठता का लाभ चाहते हैं।तीसरी प्रमुख मांग ई-अटेंडेंस व्यवस्था को स्वैच्छिक करने की है।
शिक्षकों की तीन प्रमुख मांगें
1. TET से छूटलंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता खत्म करने की मांग।
2. पहली नियुक्ति से वरिष्ठता शिक्षक पहली नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि और वरिष्ठता की गणना चाहते हैं।
3. ई-अटेंडेंस स्वैच्छिक हो शिक्षक ई-अटेंडेंस व्यवस्था को अनिवार्य करने के बजाय स्वैच्छिक करने की मांग कर रहे हैं।
> मुख्य अपडेट: शिक्षकों ने कहा है कि मांगों के ठोस समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।
बातचीत के बाद भी नहीं निकला समाधान
मोर्चे के पदाधिकारियों के अनुसार, इन मांगों को लेकर पहले भी शासन और विभागीय अधिकारियों से बातचीत हुई है।
शिक्षक संगठनों की ओर से ज्ञापन और चर्चा भी की गई है।मोर्चे का कहना है कि बातचीत के बावजूद अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ।
इसी के बाद अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का फैसला लिया गया। मोर्चा संयोजक और राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने आंदोलन को लेकर अपनी बात रखी।उन्होंने कहा कि शिक्षकों की लंबित मांगों के समाधान के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
अलग-अलग संभागों से पहुंचेंगे शिक्षक
आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की योजना है।प्रदेश के अलग-अलग संभागों से शिक्षक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भोपाल पहुंचेंगे।
रिपोर्टों के अनुसार, 2 अक्टूबर को विशेष उपवास का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।3 अक्टूबर तक अलग-अलग संभागों की भागीदारी का कार्यक्रम बताया गया है।
आंदोलन को लेकर शिक्षकों की रणनीति
शिक्षक संगठनों ने आंदोलन को भोपाल तक सीमित नहीं रखने की बात कही है।आगे जिला और संभाग स्तर पर भी गतिविधियां आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
क्यों महत्वपूर्ण है TET का मुद्दा?
शिक्षक पात्रता परीक्षा (Teacher Eligibility Test) शिक्षकों की पात्रता से जुड़ी परीक्षा है।मध्य प्रदेश में सेवारत शिक्षकों पर इसकी अनिवार्यता को लेकर विरोध हो रहा है।
आंदोलन कर रहे शिक्षक लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए छूट चाहते हैं।उनका तर्क है कि सेवा अवधि और पहले से प्राप्त वरिष्ठता का भी ध्यान रखा जाए।
हालांकि, इन मांगों पर अंतिम निर्णय सरकार और संबंधित विभाग के स्तर पर होना है।फिलहाल शिक्षक संगठनों ने आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है।
