LPU फगवाड़ा में कथित रेप-सुसाइड की खबर पर छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हुआ। पुलिस से झड़प, लाठीचार्ज और वाहनों में आग लगी।
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में रविवार को छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया।
यह विवाद सोशल मीडिया पर वायरल कथित रेप और छात्रा की मौत की खबर से शुरू हुआ।
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शुरुआत में इन दावों की पुष्टि नहीं हुई थी।
बाद में छात्रों की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT (Special Investigation Team) भी बनाई गई है।
रविवार शाम प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हुआ।
रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस पर बोतलें फेंके जाने के बाद लाठीचार्ज किया गया।
इसके बाद पथराव हुआ और तीन पुलिस वाहनों को आग लगा दी गई।
पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया

रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे स्थिति ज्यादा तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस और छात्रों के बीच बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया।
रिपोर्टों के अनुसार, कुछ छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर बोतलें फेंकीं।
इसके बाद पुलिस ने छात्रों को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।
जवाब में प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव किया गया।
हिंसा बढ़ने के बाद तीन पुलिस SUVs को आग लगा दी गई।
रात करीब नौ बजे पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को कैंपस में तैनात किया गया।
रेप और सुसाइड की खबर से शुरू हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शन की शुरुआत शनिवार रात सोशल मीडिया पर वायरल एक संदेश से हुई।
इसमें एक छात्रा से कथित रेप और उसकी आत्महत्या का दावा किया गया था।
छात्रों ने दावा किया कि घटना गर्ल्स हॉस्टल में हुई थी।
कुछ छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
हालांकि, शुरुआती पुलिस जांच में किसी रेप की पुष्टि नहीं हुई थी।
पुलिस ने कहा था कि उसे ऐसी घटना की सूचना पहले नहीं मिली थी।
FIR दर्ज होने के बाद SIT जांच

बाद में छात्रों की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
DIG जालंधर रेंज नवीन सिंगला ने SIT गठित करने की जानकारी दी।
SIT में पुलिस अधिकारियों के साथ छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।
पुलिस अब वायरल दावों और संबंधित घटनाक्रम की जांच कर रही है।
एक पूर्व छात्रा की आत्महत्या से जुड़े मामले की भी जांच की जा रही है।
छात्रों ने हाईवे भी किया था जाम
विवाद बढ़ने के बाद छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर में तोड़फोड़ की।
कुछ स्थानों पर आग लगाए जाने की भी खबर सामने आई।
इसके बाद प्रदर्शनकारी मुख्य गेट की ओर पहुंच गए।
रविवार सुबह छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे पर धरना दिया।
इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
छात्रों की मांग थी कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
वे यूनिवर्सिटी प्रशासन से भी जवाब मांग रहे थे।
महत्वपूर्ण: सोशल मीडिया पर वायरल रेप और सुसाइड से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और SIT की जांच जारी है।
यूनिवर्सिटी ने आरोपों को बताया अफवाह

LPU प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों को अफवाह बताया है।
यूनिवर्सिटी ने छात्रों से आधिकारिक माध्यमों से जानकारी लेने की अपील की।
प्रशासन ने छात्रों से शांत रहने और किसी अफवाह पर भरोसा नहीं करने को कहा।
वहीं छात्रों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया।
इन आरोपों की भी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
छात्रों की मांगों को लेकर भी तनाव
यूनिवर्सिटी के प्रवेश द्वार बंद किए जाने के बाद छात्रों का गुस्सा बढ़ा।
छात्रों ने गेट तोड़कर अंदर जाने की कोशिश की।
प्रदर्शनकारी छात्र यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक मित्तल से बातचीत की मांग कर रहे हैं।
इसके साथ छात्रों ने सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं।
जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं?
वायरल रेप की खबर का वास्तविक आधार क्या था?
क्या किसी छात्रा ने पहले शिकायत की थी?
कथित आत्महत्या और वायरल दावे के बीच क्या संबंध है?
यूनिवर्सिटी प्रशासन को किसी शिकायत की जानकारी थी या नहीं?
हिंसा और संपत्ति नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार है?
इन सवालों का जवाब पुलिस जांच और SIT की रिपोर्ट से सामने आएगा।
LPU विवाद पर पुलिस और छात्रों के अलग दावे
इस पूरे मामले में पुलिस, यूनिवर्सिटी और छात्रों के दावों में अंतर है।
पुलिस ने शुरुआत में रेप की घटना की जानकारी होने से इनकार किया था।
बाद में FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई।
यूनिवर्सिटी ने वायरल दावों को अफवाह बताया है।
वहीं छात्रों का कहना है कि गंभीर शिकायत को लेकर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।
इसलिए कथित रेप और आत्महत्या से जुड़े दावों को फिलहाल अंतिम तथ्य के रूप में नहीं लिखा जा सकता।
SIT जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट होगी।
