IIT बॉम्बे ने बीटेक स्टूडेंट साहिल वाकोडे की मौत मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को डीन पद से हटा दिया गया है। हालांकि वे अभी प्रोफेसर पद पर बने रहेंगे।
वहीं, संस्थान ने साहिल की मौत को लेकर पहले कही गईं अपनी बातों के लिए माफी भी मांगी है। कहा कि

साहिल की मौत से पहले क्या हुआ था, इसकी जांच पूरी होने से पहले कुछ भी कहना सही नहीं था।
22 साल के साहिल IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में सेकेंड ईयर के स्टूडेंट थे। 18 सितंबर की रात वे पवई कैंपस स्थित हॉस्टल के कमरे में मृत मिले थे।
IIT बॉम्बे ने 19 सितंबर को अपने ऑफिशियल बयान में कहा था कि घटना वाले दिन साहिल को मिड-सेमेस्टर एग्जाम में फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। संस्थान ने दावा किया था साहिल ने ChatGPT पर क्वेश्चन पेपर अपलोड करने की कोशिश की। फिर हॉस्टल जाकर सुसाइड कर लिया।

इस साल IIT बॉम्बे में सुसाइड का यह तीसरा और देश का 9वां मामला है। पिछले 6 साल के दौरान 2025 में सबसे ज्यादा 16 IIT छात्रों ने सुसाइड किया था। ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, पिछले 20 साल में IIT के कुल 160 छात्रों ने आत्महत्या की हैं।
IIT बॉम्बे ने कहा- डायरेक्टर ने अभी इस्तीफा नहीं दिया
IIT बॉम्बे ने डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे के इस्तीफे को लेकर भी सफाई दी। संस्थान ने सोमवार को बयान जारी कर बताया कि डायरेक्टर ने इस्तीफा नहीं दिया है।
इससे पहले रविवार देर रात डायरेक्टर ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ 3 घंटे मीटिंग की थी। उन्होंने छात्रों से कहा था कि वह तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस्तीफा देंगे। डायरेक्टर ने छात्रों की 18 मांगों वाले डॉक्यूमेंट पर साइन भी किए थे।
उधर IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के समर्थन में कैंपस मार्च निकाला।
छात्रों की 18 मांगों में डायरेक्टर के इस्तीफे सहित कई शर्त…
- डॉक्यूमेंट में मांगों को लेकर हर हफ्ते अपडेट देने की बात कही गई। छात्रों ने कहा कि तय मांगें एक महीने के भीतर पूरे नहीं होने पर डायरेक्टर, डीन AP और डीन SA को इस्तीफा देना चाहिए।
- छात्रों ने IIT बॉम्बे से सार्वजनिक माफी की भी मांग की। उनका आरोप है कि संस्थान की एक पुरानी लिंक्डइन पोस्ट में साहिल के बारे में अधूरी और स्पष्ट जानकारी देकर उसकी छवि खराब की गई।
- इसके अलावा डायरेक्टर, डीन SA, डीन AP और साहिल के डिपार्टमेंट हेड के साथ ओपन हाउस आयोजित करने की मांग की गई। छात्रों ने इसमें घटना से जुड़े सवाल सीधे रखने का मौका देने की बात कही है।
- इसके अलावा इस साल IIT बॉम्बे में जान गंवाने वाले सभी छात्रों के परिवारों को आर्थिक मदद देने की मांग भी रखी गई।
